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Friday, 6 October 2017

ये आदतें बदल के तो देखिये.. आपकी जिंदगी बदल जाएगी | HABITS CAN CHANGE YOUR LIFE IN HINDI

अगर आप अपनी जिंदगी बदलना चाहते है तो पढ़िए निचे दिए गए स्टेप को और बदल दीजिये अपनी जिंदगी.

आज का हमारा ये पोस्ट आपकी जिंदगी बदल सकता है, क्या आप तरक्की की करना चाहते है ? क्या आप खुद को इन्सान के रूप में पहचाने जाने की ख्वाहिश रखते है? क्या आप दुनिया में करोडो लोगो से अलग दिखना चाहते है? तो आइये आज हम आपको वो सफ़र पर लेके चलते है जिससे आपकी जिंदगी बदल सकती है.



आपकी आदत को बदलना एक मुश्किल काम है पर नामुमकिन तो नहीं है अगर आप ठान के की ये काम में आसानी से कर सकता हु तो आपको कोई भी नहीं रोक सकता. निचे मेने कुछ टिप्स दिए है जिसे फॉलो करके आप भी अपनी जिंदगी बदले जिससे कई बड़े बड़े दिग्गजों ने बदली है.

तो आईये जानते है कुछ टिप्स

जीने का मकसद ढूंढे – जी हा सबसे पहले तो आपके जीने का मकसद ढूंढे क्यों की अगर आप बिना मकसद के जी रहे है तो आप एक जानवर के सामान जिंदगी जी रहे है. जो सुबह उठ कर कम पे चले जाते है. और रात को आके सो जाते है, फिर दुसरे दिन वेसे ही चक्कर चलता रहता है. इसीलिए हमें जीने का मकसद ढूंढना चाहिए ताकि हमें पता चले के हम क्या जी रहे है और क्यों जी रहे है?

अगर हमारे पास जीने का कोई मकसद होगा तो हम दुसरो की भी प्रेरणा बन सकते है.

कही से सिख मिले तो उसे लेले : आज के ज़माने में सिख ही एक मात्र एसा जरिया है जो हमें आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है और हमें प्रोत्साहित करता है. इसीलिए जब सिख मिले कही से भी मिले उसे लेले और उसपे अमल करे और हा एक बात का भी ध्यान रखे की सिख को बोज की तरह न ले उससे आप जिंदगी सही से जी नहीं पाओगे क्युकी अगर आप वो सिख के जरिये आगे बढ़ना चाहते हो तो आपको उससे प्रोत्साहित होना है नहीं घबराना है.

सिखने का सबसे आसन साधन है पुस्तके जी हा दोस्तों पुस्तक ही एक मात्र एसा जरिया है जिसकी मदद से आप कुछ भी सिख सकते है और कही भी कभी भी सिख सकते ही, पढने की आदत आपके जीवन में नियमित डाले क्युकी जब आप सीखोगे तो ही आप दुसरो को सिखा पाओगेना.

अगर आपके पास ज्यादा टाइम नहीं है तो कोई बात नहीं आप ज्यादा से ज्यादा 10 पेज तो आसानी से पढ़ सकते हो ये कोई मुस्किल काम नहीं है जिससे की रिजल्ट ये आएगा की आप साल में 20 से 25 किताबे आसानी से पढ़ लोगे. अगर आप एसा ही करते रहे तो जरा सोचिये की कुछ सालो में आपका ज्ञान कहा से कहा तक पहुच जायेगा. है ना सोचने की बात !

लेकिन हा एक बात जरुर जन ले की आपको पढने में सब कुछ नहीं पढना है आपकी सकारात्मक सोच बढे एसा कुछ आपको पढना है, जो किताबे पढ़ कर आपकी लाइफ बदल जाये वो किताबे पढ़िए.
आपको प्रोफेशनल बना सके एसी वैज्ञानिक सोच पैसा करने वाली किताबे पढनी चाहिए जिससे की आप कुछ सिख सके.

नए का भय कभी न पाले: अक्सर एसा देखा गया है की लोग नएपन से डर जाते है और आगे नहीं बढ़ पाते है, जो की उसकी प्रगति के रूकावट दालता  है, नए पन से न डरने का एक महत्वपूर्ण कारण है की की आप के अंदर एक एसा साहस पैदा होगा जो नयी नयी परिस्थितयो का सामना करने में आपकी सहायता करेंगा, अगर हमारे अंदर आत्मविश्वास है तो हम वो सब कुछ कर सकेंगे जिससे हमें डर लगता था या हम वो नहीं कर पा रहे थे. आप नए नए तरीके खोजे और नए नए लोगो से मिलिए जिससे आपे अंदर एक जूनून पैदा होगा कुछ कर दिखा ने का.


जितने ज्यादा दोस्त उतना व्यापक नजरिया:  आज हम जितने ज्यादा लोग से मिलते है उतना हम ज्यादा अनुभव पाते है, हम जब लोगो के संपर्क में ज्यादा रहेंगे उतना हम ज्यादा सिख पाएंगे.
नकारात्मक सोच रखने वाले को लोगो को हमें हमारा मित्र नाह बनाना चाहिए अगर आप ज्यादा नकारात्मक सोच में रहेंगे तो हमारे अंदर ज्यादा नकारात्मक सोच पैदा होगी, और वो हमारी सकारात्मक सोच पर बुरा प्रभाव पाड़ेगी.

ज्यादातर हम लोगो के परिचय में आते है तो हम उसके अंदर के अछे गुणों को हमारे अंदर डालेंगे नहीं बुरे गुणों को, अगर आपके अंदर बुरे गुणों का समन्वय हुआ तो आपने आगे जो भी किया है उसके उपर पानी फिर जायेगा. इसीलिए हमें अछे दोस्त बनाना चाहिए.

अपने दिन की शुरुआत योजना से करिए: जब आप सुबह उठ ते है तो आपके दिमाग में सिर्फ एक ही ख्याल आना चाहिए की आज दिन भर मुझे क्या करना है और क्या नहीं करना है, जब आप अपने लक्ष पर पुरे दिन काम कर रहे होंगे तो आपको आपके लक्ष तक पहुचने में ज्यादा आसानी रहेगी.

अपनी जिम्मेदारियों को ठीक से निभाये : जब आपको कोई जिम्मेदारी सोपी जाये तो आप उसे अवश्य पूरी करे ताकि आपको काम के योग्य समजा जाये और आप पर भरोसा किया जाये, आपको ऑफिस के काम में घर के काम में,स्कूल या कॉलेज के काम में अपनी जिम्मेदारीयो को ठीक से निभाना चाहिए और आगे बढ़ते रहना चाहिए जिससे आपकी कार्य करने की क्षमता बढती जाएगी और आप आगे बढ़ते जाओगे. आपके अंदर जितने अछे गुण होंगे उतना ही आप काम को आसनी से कर पाओगे.

अपनी कामयाबी पर हर कोई खुश हो जाता है: मेरा कहने का मतलब है की जो लोग दुसरो की तरक्की से खुश नहीं होता और दुःख महसूस करता है तो ये आपके अंदर एक नकारात्मक प्रवुति की भावना पैदा होती है. तो ये अछि बात नहीं है, एसा ख्याल आपके मन में आया तो आपको समाज लेने का की आपके मन में इर्षा पैदा हो गयी है और यही सोच आपको आगे जाने खड्डे में गिराएगी और आपको असफलता हाथ लगेगी.



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2 comments:

  1. केतन जी आपने आदतें बदलने को लेकर बहुत अच्छा पोस्ट सेयर किया है। बहुत लोगों को यह आर्टिकल रास्ता दिखायेगा।

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  2. pramod kharkwal आपका बहुत बहुत धन्यवाद

    ReplyDelete

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