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Wednesday, 10 January 2018

कोई मजदूरी करता तो किसी के पास जूते लेने तक के पैसे नहीं थे, आज करोड़ो कमा रहे है क्रिकेटर्स

भारतीय क्रिकेट के कई सारे खिलाडी आज आसमान की बुलंदियों को छु रहे है, और अपनी-अपनी मजेदार लाइफ जी रहे है, इसमें से कई खिलाडी ऐसे थे जो अपनी किस्मत को कोसते थे और गरीबी के दौर से गुजरे हुए थे. दोस्तों आज हम आपको कुछ ऐसे ही भारतीय खिलाडियों के बारे में बताने जा रहे है जो पहले ग़रीबी के दौर से गुजर चुके है किसी के पास पैसो की कमी थी तो किसी के पास पहनने के लिए जूते तक नहीं थे.


भारतीय क्रिकेटर के बारे में कुछ अनसुनी बातें !


आईये मिलवाते है आपको कुछ ऐसे ही इंडियन क्रिकेटर की जिंदगी के बारे में जो पहले जीते थे गरीबी की जिंदगी.


■  रवींद्र जडेजा


भारतीय क्रिकेट टीम के एक मशहूर खिलाडी जो की गुजरात के है ये खिलाडी सबसे बेहतरीन ऑलराउंडर्स में से एक हैं. रविन्द्र जाडेजा इंटरनेशनल क्रिकेट में आने से पहले चौकीदारी किया करते थे, रविन्द्र के पिता एक प्राइवेट कंपनी में वॉचमैन थे. घर की ख़राब हालत की वजह से रविन्द्र को भी चौकीदारी का काम करना पड़ा था. अभी रविन्द्र जाडेजा ने अपनी मेहनत के दम पर इंडिया की टीम में अपनी जगह बनाई है और आज के समय में राजकोट में खुद की एक रेस्टोरेंट भी चलाते है. और काफी ऐश और आराम की जिंदगी जी रहे है.


■  भुवनेश्वर कुमार



भुवनेश्वर कुमार आज इंडिया के बेस्ट बोलर्स में से एक है. और A रैंक के खिलाडियों में शामिल है. भुवनेश्वर को भी बचपन में गरीबी का सामना करना पड़ा था. भुवनेश्वर उत्तरप्रदेश के मेरठ से है. इसके पास एक जोड़ी जुटे लेने के लिए भी पैसे नहीं होते थे. और गरीबी में अपना गुजारा करते थे, पर क्रिकेट में ज्वाइन होने के बाद इसके परिवार की हालत भी अच्छी हो गयी और अपनी मेहनत और अपने दम पर ये भारतीय टीम से खेल रहे है.


■   उमेश यादव


इंडियन टीम के तेज गेंदबाज उमेश यादव को भी काफी गरीबी का सामना करना पड़ा है, उमेश के पिता एक कोयले की खदान में मजदूरी किया करते थे. गरीबी होने के कारन उमेश 12वीं के बाद नहीं पढ़ सके है उमेश ने टेनिस टूर्नामेंट भी खेला है और उन पैसो से अपना गुजारा किया है. उमेश की गेंदबाजी से अपना स्थान क्रिकेट एसोसिएशन में जगह मिली और फर्स्ट क्लास मैच खेलने का चांच मिला. और आज उमेश ऐश की जिंदगी जी रहे है.

■   इरफान पठान और युसुफ पठान


ये दोनों भाई है और भारत की टीम में आलराउंडर रह चुके है, अभी ये दोनों भाई टीम इंडिया में नहीं खेल रहे है. पर ये भी कभी गरीबी से गुजर चुके है, इनके पिता मस्जिद की देखरेख करके अपना गुजारा करते थे. और ये दोनों भाई भी उनका हाथ बटाते थे. ये दो भाई भी काफी पोपुलर खिलाडी रह चुके है.


■  कमरान खान


इस खिलाडी ने अपनी माँ को खो दिया है क्योकि उनके पास इलाज के लिए पैसे नहीं थे. कमरान आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स की और से खेलने वाले खिलाडी है. और ये उत्तर प्रदेश के रहने वाले है. इनको भी काफी गरीबी का सामना करना पड़ा था, और कभी कभी हालात ऐसे हो जाते थे की इनके पुरे परिवार को लकड़ी काट कर अपना गुजारा करना पड़ता था. इनके पास न तो अपना घर था और नाही कोई सोने के लिए जगह, से कभी सडको पर सोते थे तो कभी रेलवे स्टेशन पर. पर कहते है ना जिसके घर में धेर है अंधेर नहीं कमरान की किस्मत रातोरात चमकी और इनको आईपीएल में राजस्थान रॉयल्स से खेलने का मौका मिला. 18 साल में ही इस तेज गेंद बाज ने अपना पहला कांट्रेक्ट 15 लाख रूपये मिला.


■  मुनाफ पटेल



ये अभी टीम से बहार है पर 2011 में अपनी बोलिंग के दम पर टीम को विश्व विजेता बनाया था.पर अभी ये आईपीएल में खेलते है. ये करोड़ो रूपये कमाते है पर कभी वो पहले मजदूरी किया करते थे. मुनाफ के पिता एक फैक्ट्री में काम करते थे. जिससे उनके परिवार का गुजारा नहीं हो पाता था. मुनाफ मजदूरी भी करते और क्रिकेट पर भी फोकस करते. और अपनी क़ाबलियत के दम पर अपने सपने को साकार किया है.

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