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Monday, 26 March 2018

रामायण और महाभारत के इस हथियारों को आज भी उपयोग किया जाता है, जरुर जाने

दोस्तों आज हम आपको कुछ ऐसी रोचक और रहस्यमई जानकारी बताने वाले है जिसे जानकार आप भी हैरान हो जायेंगे, आपने रामायण और महाभारत के युद्ध को टीवी पर जरुर देखा होंगा, इसके अंदर जो हथियार का इस्तेमाल हुआ था वो हथियार आज भी इस्तेमाल होते है. अब आप ऐसा कहेंगे की भला ऐसा कैसे हो सकता है? रामायण और महाभारत के समय में जो हथियार थे वो आज भी कैसे हो सकते है. तो आइये जानते है इनके सही सवालो के जवाब जो वाकई में चौंका देने वाले है.

रामायण में भगवान श्रीराम और रावन के बिच भयंकर युद्ध हुआ था और अगर महाभारत की बात करे तो कौरवों और पांड्वो के बिच में भी 18 दिनों का भयंकर युद्ध हुआ था. इस दोनों युद्ध को कोई सामान्य युद्ध नहीं माना जाता, क्यूंकि इस युद्ध के अंदर दैवीय शक्तियों से लैस अस्त्र-शस्त्र का भरपूर मात्रा में इस्तेमाल किया गया था. इस दोनों युद्ध के अंदर विनाश करने वाले शस्त्रों का प्रयोग हुआ जिसके बारे में आप आगे जानने वाले है.

महाभारत और रामायण में जिन शस्त्रों का जिक्र किया गया है ठीक वैसे ही कलियुग मतलब की आज के मौजूदा समय के वैज्ञानिकों ने उन्ही से प्रेरित होकर हथियार बना दिए है. पर सोचने वाली बात तो ये है की इस कलियुग में ये सभी हथियार अब प्रयोग किये जा रहे है पर इसका अविष्कार तो हजारों साल पहले ही हो चूका था. तो चलिए जानते है इस विडियो में जो कलियुग के हथियार पौराणिक शस्त्रों से काफी मेल खाते है.


सबसे पहले आता है मंत्र

1. मंत्र
जैसे की हम सभी को पता है की हमारे हिन्दू धर्मो में मंत्रो का बहुत ही बड़ा महत्व होता है, जिसमे मंत्रो का उच्चारण करके भगवान यानि की इश्वर की आराधना की जाती है जिसमे कुछ शस्त्रों का इस्तेमाल मंत्रो को बोलते हुए किया जाता है.
कार्य क्षमता– मंत्रों द्वारा शस्त्रों का इस्तेमाल करके दुश्मन पर प्रहार किया जाता था.
कलयुग में इनकी समानता– आवाज से चलने वाले यंत्र से की जाती है.
2. माता शक्ति के तीन बाण
महाभारत में देखने को मिलता है में भीम के पौत्र यानि की बरबरीक जिनको देवी शक्ति ने तिन बाण दिए थे, जिनका इस्तेमाल करना महाभारत के युद्ध में सबसे ताकतवर माना जाता था.
इसकी कार्य क्षमता की बात करे तो, कोई इस बाण से निशाना साधता है तो ये सीधे अपने लक्ष को भेदते हुए आर-पार चला जाता है, ये कभी भी अपना निशाना नहीं चुकता.
कलयुग में इसकी समानता- टॉरपीडो से की जाती है.
3. पशुपातास्त्र
इस अस्त्र को भगवान शिव से प्राप्त किया जाता था, कुछ शास्त्रों के अनुसार पशुपातास्त्र को ब्रम्हास्त्र से कुछ समय के लिए रोका जा सकता था पर भगवान विष्णु के भी किसी शस्त्र से ये नहीं रूक सकता.
कार्य क्षमता- पशुपातास्त्र अपने लक्ष्य को पूरी तरह से तबाह कर देता है, लक्ष्य चाहे कैसा भी हो सामने वाले का अस्तित्व कुछ सेकंडो में समाप्त कर देता है.
कलयुग समानता है– हाइड्रोजन बम
4. इंद्रास्त्र
देवताओं के राजा इंद्र देव से इसे प्राप्त किया जाता है, इंद्रास्त्र जिनसे एक ही साथ में कई सारे लोगो को मारा जा सकता है, इसके अपने लक्ष्य पर छोड़ते ही ये जहा से भी निकल रहा हो वो सब कुछ तहसनहस करता सीधे अपने लक्ष्य की और चल पड़ता है.
कार्य क्षमता- अगर इसकी कार्य क्षमता की बात करे तो ये एक ही साथ हजारों बाणों की वर्षा करता है.
कलयुग समानता- मशीन गन
5. अग्नेयस्त्र

ये अस्त्र अग्निदेव की उपासना से प्राप्त होता है, ये अस्त्र जब अपने लक्ष्य की और बढ़ता है तो ये ऐसी-ऐसी ज्वाला और आग निकालता है जिसको कोई भी नहीं बुजा सकता.
कार्य क्षमता- आग की लपटें फेंकना
कलयुग समानता- फ्लेम थ्रोअर्स
6. त्वष्ट्र अस्त्र
इस अस्त्र को स्वर्ग के निर्माता त्वष्ट्र की पूजा-अर्चना से प्राप्त किया जाता है.
कार्य क्षमता- अगर इसकी कार्य क्षमता की बात करे तो ये शस्त्र का इस्तेमाल से कोई भी सेना अपने शत्रु को नहीं पहचान पाती और इसका अंत कुछ ऐसा आता है की वे सभी आपस में ही लड़कर स्वयं का ही नाश कर देते है.
कलयुग समानता- आजकल के युद्ध में प्रयोग होने वाली विभिन्न गैस
7. सुदर्शन चक्र
ये शस्त्र सिर्फ भगवान विष्णु के पास ही है और इसे कोई भी वरदान प्राप्त करके मांग नहीं सकता, इस का प्रयोग भगवान विष्णु ने कई बार किया है.
कार्य क्षमता- सुदर्शन चक्र सिर्फ भगवान विष्णु की आज्ञा का पालन करता है और ये अपने लक्ष्य को पूरी तरह से बर्बाद कर देता है.
कलयुग समानता- मिसाइल
8. पुष्पक रथ
राक्षसों के राजा महाराज रावन ने जब माता सीता का हरण किया था तब रावण ने इसी हवाई रथ का इस्तेमाल किया था.
कार्य क्षमता- हवा में उड़ना वाला वाहन
कलयुग समानता- पर्सनल हवाई जहाज
9. वज्र
देवताओं के राजा महाराज इंद्र का ये अस्त्र है जिसको महर्षि दधिचि की हड्डियों से बनाया गया था और माना जाता है की ये हड्डिया इतनी ज्यादा मजबूत थी की इनसे बिजली निकलती है.
कार्य क्षमता- अपने शत्रुओं को बिजली के द्वारा रोकना
कलयुग समानता– आज के समय के लेजर जिससे बिजली के झटके दिए जाते है.
10. ब्रह्मास्त्र
जैसे की हम सभी को पता है की भगवान ब्रम्हा के इस अस्त्र का इस्तेमाल महाभारत में हुआ था और रामायण में भी इन्द्रजीत ने भगवान श्रीराम पर किया था.
कार्य क्षमता- अपने लक्ष्य का संपूर्ण विनाश करना, इससे एक समय पर कई तरह का विनाश किया जा सकता था.
कल्युग समानता– परमाणु बम
तो दोस्तों आज के लिए इतनाही, ऐसी ही मज़ेदार और रोचक विडियो देखने के लिए सब्सक्राइब करे हमारा हिंदी एडवेंचर चैनल और दबाइए इस बेल आइकॉन को ताकि आने वाले हमारे सभी लेटेस्ट विडियो आपको सबसे पहले मिलते रहे. तो मिलते है अगले विडियो में तब तक के लिए स्वस्थ रहे खुश रहे.

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