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Friday, 3 August 2018

शिवजी का मृत संजीवनी मंत्र, जिसका जाप रावण करता था

हमारे शास्त्रों और पुराणों में गायत्री मंत्र और महा मृत्युंजय मंत्र का सबसे अधिक महत्व है, इन दोनों मंत्र को बहुत बड़े मंत्रो में से एक माना जाता है क्यूंकि यह दोनों मंत्र से आपके सभी तरह के संकटों से मुक्ति मिल जाती है.

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हमारे शास्त्रों में ऐसे कई सारे उल्लेख मिलते है जिनमे यही दो मंत्र सबसे प्रमुख स्थान में आते है क्यूंकि इनसे अधिक शक्तिशाली और कोई मंत्र नहीं है.

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आज हम जिस मंत्र की बात कर रहे है यह गायत्री मंत्र और महा मृत्युंजय मंत्र दोनों से मीलकर बना है. माना जाता है की इसी मंत्र से किसी मृत व्यक्ति को भी दुबारा जीवित किया जा सकता है, यानि की इसी मंत्र से कई सारे बड़े-बड़े रोगों और संकटों से मुक्ति मिल जाती है, ऐसा भी माना जाता है की इसी मंत्र का जाप रावण किया करता था जिससे वो बेहद ही ज्यादा शक्तिशाली बन जाता था.

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इस मंत्र का नाम मृत संजीवनी मंत्र है, अब आपको यह भी बता देते है की इसकी पूजा और जप कैसे करना है, सबसे पहले तो आपको शुक्ल पक्ष में किसी भी सोमवार की सुबह भगवान शिव की पूजा-अर्चना करनी है और फिर इस मंत्र का 108 बार जाप करना है.

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माना जाता है की कोई सच्चे दिल से निरंतर इस मंत्र का जाप करता है तो कई सारे बड़े-बड़े संकटों से आसानी से मुक्ति पायी जा सकती है. वैसे तो भगवान शिव के कई सारे मंत्र है पर अपनी सभी तरह की इच्छाओं को पूरी करने के लिए सबसे शक्तिशाली मंत्र है “महामृत्युंजय मंत्र” जिसका हर किसी को सच्चे दिल से जाप करना चाहिए और लाभान्वित होना चाहिए.

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