महादेव के पास त्रिशूल और डमरू कैसे आया जानिए रहस्य

भगवान शिव का प्रिय सावन महिना अभी चालू है जिसमे भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा-अर्चना की जाती है और भगवान सभी लोगो की मनोकामनाएँ पूरी करते है ऐसे में आज हम आपको एक बेहद ही रहस्यमई बात बताने वाले है की भगवान शिव जी के पास जो त्रिशूल, डमरू और सांप है वो उनके पास कहा से आये और जानेंगे उनके पीछे छुपे रहस्य.

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वैसे हम सब जानते है की महादेव सभी तरह के अस्त्र शस्त्र को चलाने में माहिर है और भगवान शिव के प्रमुख अस्त्र की बात करे तो उनका प्रमुख अस्त्र त्रिशूल है. इसके पीछे का रहस्य भी आपको बता देते है की जब इस सृष्टि की रचना हुई तभी ब्रह्मनाद से भगवान शिव प्रगट हुए और उनके साथ राज, तम और सत गुण भी प्रगट हुए और यह तीनो गुणों को मिलाकर भी भगवान शिव का शूल यानि की त्रिशूल बना.

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अब बात करे डमरू के बारे में तो हमदेव के साथ में डमरू कैसे आया तो जब इस सृष्टि का आरंभ हुआ तभी सरस्वती भी उत्पन्न हुई तभी विणा के स्वर में सृष्टि में ध्वनि का जन्म हुआ उसी समय भगवान शिव भी नृत्य करने लगे और चौदह बार डमरू बजाया और इसी से ध्वनी के व्याकरण के साथ साथ संगीत के धन्द, ताल का जन्म हुआ, इस तरह से शिवजी के डमरू की उत्पत्ति हुई.

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अब बात के भगवान शिव के सिर पर चंद्रमा के बारे में तो हमारे पुराणों में ऐसा बताया गया है की चंद्रमा को राजा दक्ष द्वारा श्राप दिया गया था जिससे बचने के लिए चंद्रमा ने शिव जी की घोर तपस्या की जिससे खुश होकर शिव जी ने उनके जीवन की रक्षा की और हमेशा के लिए अपने शीश पर धारण कर लिया.

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अब बात करते है सांप के बारे में तो यह नाग देवो के राजा वासुकी है जो भगवान शिव के परम भक्त थे इसिलिय भगवान शिव ने उन्हें वरदान दिया और हमेशा के लिए अपने गले में आभूषण के ररूप में स्वीकार कर लियां.
रोजाना ऐसी ही जानकारी के लिए हमें फ़ॉलो जरुर करें.
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