रात के समय ग़लती से भी इस जगह के पास से ना गुजरें - SupportMeYaar.com

Trending Now

Post Top Ad

Friday, 23 November 2018

रात के समय ग़लती से भी इस जगह के पास से ना गुजरें

वैसे देखा जाए तो हमारे हिन्दू धर्म में ऐसी मान्यता है कि गंगा जैसी पवित्र नदी का जल पीने या नहाने मात्र से मानव के समस्त पाप धुल जाते हैं. यही वजह है कि दाह संस्कार के बाद अस्थियों की राख को गंगा में प्रवाहित कर दिया जाता है.

Third party image reference
इसके बारे में लोगो की ऐसी भी मान्यता है कि मनुष्य की अस्थियां वर्षों तक गंगा नदी में ही रहती हैं. गंगा नदी धीरे-धीरे उन अस्थियों के माध्यम से इंसान के पाप को खत्म करती है और उससे जुड़ी आत्मा के लिए नया मार्ग खोलती है.

Third party image reference
हमारे हिन्दू धर्म में भगवान शिव और मां काली को श्मशान घाट का भगवान कहा गया है. ऐसे में भगवान शिव जहां भस्म से पूरी तरह ढके होते हैं और ध्यानमग्न होते हैं, वहीं मां काली बुरी आत्माओं का पीछा करती हैं.
ऐसी मान्यता है कि शरीर के अंतिम संस्कार के बाद भगवान शिव मृत को अपने अंदर समाहित कर लेते हैं और किसी भी मानव को अपनी उपस्थिति से इस प्रक्रिया में बाधा नहीं पहुंचानी चाहिए नहीं तो उन्हें मां काली के प्रकोप का सामना करना पड़ सकता है.

Third party image reference
हिंदू शास्त्रों के अनुसार हमे कभी भी दिन के समय भी किसी भी इंसान को श्माशन घाट में नहीं घूमना चाहिए. इस समय भी बुरी आत्माएं सक्रिय हो जाती है और मानव इन बुरी आत्माओं या नकारात्मक शक्तियों से लड़ने में सक्षम नहीं होता है.

Third party image reference
शास्त्रों में ऐसा बताया गया है की रात को नकारात्मक शक्तियां अधिक प्रभावीशाली होती है और ये नकारात्मक शक्तियां मानसिक रूप से कमजोर व्यक्ति को तुरंत अपने प्रभाव में ले लेती हैं, मनोवैज्ञानिक बताते हैं कि यदि कोई व्यक्ति भावनात्मक रूप से कमजोर हो और नकारात्मक सोच से घिरा हुआ हो तो ये संभावना और भी ज्यादा बढ़ जाती है.

Third party image reference
वैसे देखा जाए तो हिंदू धर्म में अंतिम संस्कार नदी के किनारे ही किए जाते हैं, क्यूंकि इस स्थान को श्मशान घाट कहा जाता है. श्मशान घाट पर शवों को लाकर उनका दाह संस्कार या अंतिम संस्कार किया जाता है.
आपको बतादें की श्मशान घाट पर आत्माओं, भूत-प्रेत आदि का निवास भी माना जाता है साथ ही यहां अघोरी भी होते हैं इसलिए जैसे ही चंद्रमा आकाश में नजर आने लगे उस समय से लेकर सूर्योदय तक जीवित मनुष्यों को श्माशन घाट या उसके करीब से बिल्कुल भी नहीं गुजरना चाहिए.
तो यह थे वो कारण जो बताते है की रात के समय या दिन में कभी भी किसी श्मशान के पास से नहीं गुजरना चाहिए.
रोजाना ऐसी ही अटपटी जानकारी के लिए हमें फ़ॉलो जरुर करें.

No comments:

Post a Comment

• अगर आप इस आर्टिकल के बारे में कुछ कहेंगे या कोई सवाल कमेंट में करेंगे तो हमें बहुत ख़ुशी होगी
• गलत शब्दों का प्रयोग न करे वरना आपका कमेंट पब्लिश नहीं किया जायेगा