2 साल तक हिमालय की गुफाओं में भटकते रहे थे नरेंद्र मोदी - SupportMeYaar.com

Trending Now

Post Top Ad

Wednesday, 21 August 2019

2 साल तक हिमालय की गुफाओं में भटकते रहे थे नरेंद्र मोदी

जैसे की आज हम सभी लोग ऐसा जानते है की भारत के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी किस तरीके से बचपन से लेकर इतने बड़े पद तक पहुंचे हैं, यह बात सभी जानते हैं पर आज हम आपको प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस दौर के बारे में बताएंगे जिस दौर में मोदी काफी परेशान होकर घर से निकले थे, जी हां दोस्तों उनकी माँ ने अपने 12 साल के बेटे नरेंद्र की कुंडली वडनगर आए ज्योतिषी को दिखाई नरेंद्र मोदी की कुंडली देखकर ज्योतिष ने कुछ अलग ही कह दिया, तो आइये जानते है की उस ज्योतिष ने नरेंद्र की कुंडली को देखकर क्या कहा.

Third party image reference
उस ज्योतिष ने नरेंद्र मोदी की माँ से कहा की तुम्हारा बेटा राजा बनेगा या फिर शंकर मेरे जैसा कोई महान संत, वैसे हम आपको बता दें कि मेहसाणा में 17 सितंबर 1950 को नरेंद्र मोदी का जन्म वृश्चिक लग्न में कर्क नवांश वृश्चिक राशि में हुआ था, बचपन के दिनों में नरेंद्र मोदी साधु को देखते ही उनके पीछे-पीछे चलने लग जाते थे.

Third party image reference
ऐसे में उनके माता-पिता को लगा कि उनका बेटा का सन्यासी ना बन जाए इसलिए नरेंद्र से बिना पूछे ही जशोदाबेन नामक एक लड़की से उनकी शादी करा दी. बाल विवाह के दिनों में शादी के बाद लड़की को कोने रखने का प्रचलन था, कुछ सालों बाद माही रवि ने कहा कि नरेंद्र अब तुम्हारे खोने की बात चल रही है यह बात सुनकर नरेंद्र मोदी ने कहा कि मैं शादी के चक्कर में नहीं पड़ना चाहता हूं और हिमालय जाकर जिंदगी की असली सच्चाई का पता लगाना चाहता हूं.
अब इसके बावजूद भी नरेंद्र मोदी के गौना के लिए उन पर पूरे परिवार ने दबाव डाला इसलिए रात के अंधेरे में ही नरेंद्र मोदी घर छोड़ने का प्लान बना दिया और एक दिन नरेंद्र मोदी ने घर छोड़ ही दिया. नरेंद्र मोदी के ऊपर लिखी गई पुस्तक के अनुसार मोदी 2 साल हिमालय की गुफाओं में साधुओं के साथ घूमते रहे इस दौरान जादू से उनकी मुलाकात हुई उस्तादों ने नरेंद्र मोदी से हिमालय आने का कारण पूछा तब उन्होंने कहा कि ईश्वर की खोज में यहां आया हूं उसके बाद उसने कहा कि बेटा तुम्हारी उम्र हिमालय की कंदराओं में भटक नहीं है.

Third party image reference
समाज सेवा करके भी तुम भगवान की प्राप्ति कर सकते हों, इसके बाद नरेंद्र मोदी घर लौट आए लेकिन शादीशुदा जिंदगी से अलग होने का निर्णय कर चुके थे, गौरतलब है कि नरेंद्र मोदी 17 साल की उम्र में इस संख्या से प्रेरित होकर साल 1967 में कोलकाता के वेल्लूर मठ भी गए थे, उन दिनों उन्होंने स्वामी माधवानंद से मुलाकात की थी तो कुछ इस तरीके से वो अपने घर वापिस आ गये थे, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के घर वाले भी काफी परेशान थे और खुद नरेंद्र मोदी भी सन्यास की दिशा में अपना कदम बढ़ा चुके थे लेकिन किसे पता था कि साधारण सा दिखने वाला इंसान 1 दिन भारत का प्रधानमंत्री बन जाएगा.
आपको क्या लगता है नरेंद्र मोदी के बारे में हमें कमेंट करके जरुर बताये.
नोट - यह जानकारी वेब वायरल साईट के आधार पर ली गयी है.
रोजाना ऐसी ही अटपटी ख़बरों के लिए हमें फोलो जरुर करें.

No comments:

Post a Comment

• अगर आप इस आर्टिकल के बारे में कुछ कहेंगे या कोई सवाल कमेंट में करेंगे तो हमें बहुत ख़ुशी होगी
• गलत शब्दों का प्रयोग न करे वरना आपका कमेंट पब्लिश नहीं किया जायेगा