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Thursday, 17 October 2019

5 तरह का होता है मलेरिया बुखार, एक में तो जान भी जा सकती है

आज कल जिसको देखो उसको मलेरिया होता है, क्यूंकि यह एक संक्रामक रोग है और यह फीमेल एनोफिलीज मच्छर के काटने से होता है. वैसे आपको बतादे की इस मच्छर में एक विशेष प्रकार का जीवाणु पाया जाता है जिसकी वजह से मलेरिया बुखार हो जाता है.

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वैसे आपको बतादे की मलेरिया फैलाने वाली इस मादा मच्छर में पाई जाने वाले जीवाणु की 5 जातियां होती इसी वजह से मलेरिया 5 अलग-अलग प्रकार का होता है. तो आज हम आपको इसी के बारे में बताने वाले है.
मलेरिया के प्रकार
प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम (P. Falciparum)

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जिसको इस प्रकार माँ मलेरिया हो जाता है उसको मालूम ही नहीं पड़ता की वो क्या बोल रहा है, ऐसे लोगो को बहुत ही तेजी से ठण्ड लगती है साथ ही उल्टियाँ और सिर में दर्द होता है, एक महत्व की बात बतादे की इस बुखार के कारण व्यक्ति की जान भी जा सकती है.
प्लास्मोडियम मलेरिये (P. malariae)

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प्लास्मोडियम मलेरिया एक प्रकार का प्रोटोजोआ होता है जो बेनाइन मलेरिया के लिये जिम्मेदार माना जाता है और यह इस पूरी दुनिया में पाया जाता है. यह मलेरिया उतना खतरनाक नहीं होता है जितना प्लास्मोडियम फैल्सीपैरम और प्लास्मोडियम विवैक्स है. क्वार्टन मलेरिया उत्पन्न करने वाला यह प्रकार है और इससे व्यक्ति को हर चौथे दिन बुखार आता है. इससे यूरिन से प्रोटीन निकलने लगते हैं और बाद में प्रोटीन की कमी हो जाती है और शरीर में सूजन आने लगती है.
सोडियम विवैक्स (P. Vivax)

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ज्यादातर लोगो को इस प्रकार का बुखार होता है वैसे विवैक्स परजीवी ज्यादातर दिन के समय आता है और यह बिनाइन टर्शियन मलेरिया उत्पन्न करता है जो तीसरे दिन यानि की 48 घंटों के बाद अपना असर दिखाता है, इस में व्यक्ति को हाथ, पैरों में दर्द, भूख ना लगना, कंपकपी के साथ तेज बुखार, कमर, सिर दुखना आदि इनके प्रमुख लक्षण पाए जाते है.
प्लाज्मोडियम ओवेल मलेरिया (P. Ovale)
यह बिनाइन टर्शियन मलेरिया उत्पन्न करता है.
प्लास्मोडियम नोलेसी ( P. knowlesi)

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ज्यादातर यह दक्षिण पूर्व एशिया में पाया जाने वाला एक प्राइमेट मलेरिया परजीवी है और इससे ठंड लगकर बुखार आता है, बाद में भूख ना लगना, सिर दर्द जैसे समस्या पैदा होने लगती है.
सावधानियां

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अपने घर के हर कोने पर समय-समय पर कीटनाशक दवाओं का छिड़काव करवाते रहें और घर में पौधे लगे हुए हैं तो उन पर भी कीटनाशक का छिड़काव करवाते रहें, इससे मच्छर कम हो जायेंगे.
ज्यादातर अपने आसपास सफाई का ध्यान रखें क्यूंकि मच्छर ठहरे हुए पानी में सबसे ज्यादा पनपते है, घर के आसपास के गड्ढे भरवाएं, बारिश के पहले ही नालियों की सफाई करवाएं.
मलेरिया में क्या खांए

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जिस व्यक्ति को मलेरिया होता है उसको ज्यादातर सेब खिलाएं इससे मलेरिया रोगी को काफी ज्यादा फायदा होता है.
जिसको मलेरिया होता है उसको नीबू को काटकर उस पर काली मिर्च का चूर्ण व सेंधा नमक डालकर चुसाना चाहिए जिससे उसका स्वाद भी ठीक होगा और बुखार में भी फायदा होगा.
 मलेरिया में अमरूद खाने से रोगी को काफी ज्यादा फायदा होता है.
मरीज को दलिया, साबूदाना का सेवन कराये साथ ही में दाल-चावल की खिचड़ी भी दे सकते है क्यूंकि इसमें पोष्टिक तत्व अधिक मात्रा में पाया जाता है.
घर के सभी लोगो को मच्छर भगाने वाली क्रीम और स्प्रे का इस्तेमाल करना चाहिए.
तो अब तो आप समज ही गये होंगे की आपको क्या करना है जिससे आपको भी यह भयंकर बुखार ना हो.
रोजाना ऐसी ही जानकारी के लिए हमें फ़ॉलो जरुर करें.

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