4 ऐसी घटना जिनसे सिद्दार्थ बन गया गौतम बुद्ध - SupportMeYaar.com

Trending Now

Post Top Ad

Friday, 17 May 2019

4 ऐसी घटना जिनसे सिद्दार्थ बन गया गौतम बुद्ध

आज भी भगवान् बुद्ध के विचार और उनका जीवन प्रासंगिक हैं, आज के इस मॉडर्न युग में भी भगवान् बुद्ध का प्रेरणादायक जीवनदर्शन का जन-जीवन पर बेहद ही गहरा प्रभाव पड़ा है, इसीलिए आज हम आपको ऐसी चार छोटी-छोटी घटनाओं के बारे में बताने वाले है जो सिद्दार्थ को इस संसार के माया जाल में बांधकर ना रख सकी. तो चलिए जानते है की कौनसी है वो 4 घटनाएँ.

Third party image reference
4 ऐसी घटना जिनसे सिद्दार्थ बन गया गौतम बुद्ध
वसंत ऋतु में एक दिन सिद्धार्थ बगीचे की सैर पर निकले, तभी उनको अचानक ही एक बुध आदमी सड़क पर मिला, उनके दांत एकदम टूटे हुए थे, बाद एक दाम पक गये थे, शरीर भी टेढ़ा-मेढ़ा सा हो गया था, वो आदमी हाथ में लाठी पकडे हुए एकदम धीमी गति के साथ चल रहा था.

Third party image reference
दूसरी बार की बात जब सिद्दार्थ एक बगीचे की सैर पर निकले थे तो उनकी आँखों के सामने कोई रोगी अचानक आ गया, उनकी साँस तेज़ी से चल रही थी पर कंधे बेहद ही ढीले थे, उनकी बांहे एकदम सुख गयी थी और पेट भी फूल गया था, वो किसी दुसरे के सहारे बेहद ही मुश्किल से चल रहा था.

Third party image reference
तीसरी बार जब सिद्धार्थ को एक अर्थी मिली तो उसने देखा की चार आदमी उसे उठाकर लिए जा रहे थे और उनके पीछे बहुत सारे लोग थे, उन लोगो में कोई रो रहा था तो कोई छाती पिट रहा था, ऐसे द्रश्यो को देखकर सिद्दार्थ  बेहद ही ज्यादा विचलित हो गया.

Third party image reference
अब चौथी बार जब सिद्धार्थ बगीचे की सैर को निकला तो उसको एक संन्यासी दिखाई दे पड़ा, सिद्धार्थ उसे देख रहा था तभी संसार की सारी भावनाओं और कामनाओं से मुक्त प्रसन्नचित्त संन्यासी ने सिद्धार्थ को आकृष्ट किया.

Third party image reference
अब सिद्दार्थ ने ऐसा सोचा की ‘धिक्कार है इस जवानी पर जो पुरे जीवन को सोख लेती है, दिक्कर है उस स्वास्थ्य को जो पुरे शरीर को नष्ट कर देता है, धिक्कार है उस जीवन को जो बेहद ही जल्द अपना अध्याय पूरा कर देता है.

Third party image reference
अब सिद्दार्थ ने सोचा की - क्या बुढ़ापा, बीमारी और मौत सदा इसी तरह होती रहेगी, अब बाद में सिद्दार्थ ने संन्यासी ने आकृष्ट किया और वे इस पुरे संसार की मोह-माया से मुक्त हो कर त्याग के रास्ते पर निकल पड़े और बाद में घोर तपश्या करके उन्होंने बुद्धत्व को प्राप्त किया.
आपको कैसी लगी यह जानकारी, हमें कमेंट करके जरुर बताएं.
रोजाना ऐसी ही अटपटी ख़बरों के लिए हमें फोलो जरुर करें.

No comments:

Post a Comment

• अगर आप इस आर्टिकल के बारे में कुछ कहेंगे या कोई सवाल कमेंट में करेंगे तो हमें बहुत ख़ुशी होगी
• गलत शब्दों का प्रयोग न करे वरना आपका कमेंट पब्लिश नहीं किया जायेगा

इसे भी जरुर पढ़े :