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Sunday, 5 April 2020

रावण से जुड़े कुछ ऐसे तथ्य जिनसे आज तक सारी दुनिया अनजान है

SMY Desk : दोस्तों आम तौर पर बचपन से बच्चों को भगवान राम के बारे में अधिकतर बातें बताई जाती है, लेकिन आज हम आपको बताएंगे रामायण के विलेन रावण की 10 ऐसी बातें जिनको शायद ही आपने पहले कभी न सुना हो.
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रावण आधा राक्षस और आधा ब्राह्मण था
जी हा दोस्तों आप एकदम सही पढ़ रहे रावण आधा राक्षस और आधा ब्राह्मण था, आपको बतादें की ऐसा इसलिए था क्योंकि उसके पिता विश्रवा एक ऋषि थे और उसकी माता कैकसी राक्षस परिवार से थी.
रावण का असली नाम रावण नहीं था
दोस्तों, आप जिस नाम से रावण को जानते है वह उसका असली नाम नहीं था, जन्म के समय उसका नाम दशानन था जिसका मतलब है दस सर वाला. आपको बतादें की जब एक बार रावण अहंकार में कैलाश पर्वत को अपनी जगह से हटाने का प्रयास कर रहा था तब भगवान शिव ने अपने पैर से कैलाश को दबा दिया, इस वजह से रावण के दोनों हाथ कुचल गए. लहूलुहान अवस्था में रावण जोर जोर से चिलाने लगा, तभी से उसे रावण नाम से जाना जाने लगा. रावण का अर्थ होता है ज़ोर से चिल्लाने वाला, तभी से रावण ने शिवभक्ति शुरू कर शिव तांडव स्रोत की रचना की.
भगवान राम के परिवार से रावण की पुरानी दुश्मनी थी
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दोस्तों आपको बतादें की, रावण ने राजा अनारण्या का वध किया था, जो इक्षवकू वंश के थे, भगवान राम भी इसी वंश के वंशज थे. राजा अनारण्या ने दम तोड़ने से पहले रावण को श्राप दिया था कि उसे राजा दशरथ का पुत्र ही मारेगा.
रामसेतु के निर्माण में रावण ने निभाई थी पुरोहित की क्रिया
दोस्तों आपको बतादें की, राम सेतु के निर्माण के समय रावण ने ही पुरोहित की भूमिका निभाई थी, राम सेतु निर्माण के चलते जब कोई पुरोहित नहीं मिला तो रावण ने खुद पुरोहित की भूमिका निभाई थी.
रावण को ज्योतिष विद्या का ज्ञान भी था
शायद आप इस बात से अनजान होंगे की रावण वीर योद्धा होने के साथ साथ ज्योतिष विद्या का भी ज्ञानी था, रावण के बारे में ऐसा भी कहा जाता है की जब मेघनाथ का जन्म होना था उस वक़्त अपने पुत्र को अमर करने के लिए सारे नक्षत्रों को निर्धारित जगह पर होने को कहा था, उस समय शनि अपनी जगह से हट गया, इस बात का पता चलते ही रावण ने शनि को बंदी बना लिया था.
कुबेर से हथियाई थी सोने की लंका
बतादें की रावण ने तपस्या के दम पर कई शक्तियां हासिल करी थी, उन्ही शक्ति के दम पर रावण और उसके भाई कुम्भकर्ण ने सोने की लंका से कुबेर को खदेड़ दिया था.
शासन कला और कूटनीति का विद्वान था रावण
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बतादें की रावण शासन कला और राजनीति में भी माहिर था, जब श्री राम के वार के बाद रावण अपनी आखरी सांसे ले रहा था तो श्री राम ने लक्ष्मण को उसके पास शासन किला और कूटनीति का ज्ञान प्राप्त करने के लिए भेजा था.
ब्रह्मा से था उसको वरदान प्राप्त हुआ था
आपको बतादें की रावण ने अपनी तपस्या के बल पर ब्रह्म देव से वरदान मांगा था कि कोई भी भगवान, राक्षस, किन्नर या गंधर्व उसका वाद नहीं कर पायेगा। अंततः श्री राम ने ही मानव रूप में उसका वध किया.
लंका के अलावा भी और थे कई राज
बतादें की रावण का राज सिर्फ लंका में ही नहीं बल्कि बलिद्वीप(बलि), मलयाद्वीप (मलेशिया), अंगद्वीप ,वारहद्वीप , यवाद्वीप (जावा), अन्ध्रालय (ऑस्ट्रेलिया) और कृशाद्वीप भी था.
पुष्पक विमान रॉकेट से भी तेज़ था
अब अंत में आपको बतादें की रावण का पुष्पक विमान सोने का बना हुआ था, इस बारे में ऐसा भी कहा जाता है की उस विमान का आकार बदल जाता था और वह सोचने की स्पीड से चलता था, आज भी पूरे भारत में कई जगह रावण को लेकर अलग मान्यता है, लोग रावण की पूजा-अर्चना करते थे. अभी भी कई जगहों पर रामलीला तो मनाई जाती है पर दसवें दिन उसका पुतला दहन नहीं करते, लोगों की तो यह भी मान्यता है कि रावण के पुतले कि लड़की घर में रखने से भूत-पिचास दूर रहते है.
तो दोस्तों रावण के बारे में कैसी लगी आपको यह हमारी विशेष जानकारी, हमें कमेंट करके जरुर बताये.
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