क्या प्यार में सं*भोग करना जरूरी है?

सबसे पहले तो आपको बतादें की सं*भोग प्यार का एक अहम् हिस्सा है। एक प्रेमी और एक प्रेमिका सबसे पहले बात-चित से अपनी शुरुआत करते है। फिर धीरे-धीरे वे एक-दूसरे का हाथ पकड़कर अच्छा महसूस करते है। अब कुछ समय बाद ये हाथ पकड़ना आ*लिंगन और फिर चु*म्बन में बदल जाता है।

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आपको बतादें की प्यार में जहा तक सं*भोग का सवाल है तो सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि अगर दोनों प्राणी आपस में पूरी तरह सहमत है तो इसमें कोई बुराई नहीं है। हरेक वो चीज़ प्यार में उचित है जिसे दोनों प्राणी आनंद महसूस कर रहे है।

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सं*भोग को संज्ञान में लेते हुए बहुत लव गुरु और सेक्सुऑ*लोजिस्ट का कहना है कि सं*भोग प्यार को और गहरा बनाता है। वैसे सं*भोग सांसारिक प्राणिओं की बायोलॉजिकल ज़रूरत है और इसको बिलकुल भी नाकारा नहीं जा सकता।

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अगर से*क्स के बारे में गहराई में बात करुँ तो यह बिलकुल अतिश्योक्ति नहीं होगा कि एक उचित समय अंतराल पर प्यार में सेक्स अति आवश्यक है, से*क्स एक ऐसा समय है जब एक जोड़ा एक -दूसरे के बिलकुल हद तक क़रीब होता है। इससे दोनों के इमोशंस एक्सचेंज होते है और प्यार की डोर और मज़बूत हो जाती है।
जहाँ तक से*क्स का सवाल है तो सं*भोग हमारे टेंशन और स्ट्रेस को बहुत हद तक रिलीज़ करता है। हमारे शरीर में टे*स्टेस्टोरॉन को संतुलित रखता है और फिर हमें किसी भी कार्य में भी मन लगता है।

वैसे आपका क्या ख़्याल है, प्यार में से*क्स जरूरी है? हमे कमेंट करके जरूर बताएं।

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