इन वज़हों से है शरद पूर्णिमा का इतना खास महत्व - SupportMeYaar.com

Breaking

loading...

Saturday, 12 October 2019

इन वज़हों से है शरद पूर्णिमा का इतना खास महत्व

हमारे हिंदू धर्म में पूर्णिमा तिथि का विशेष स्थान और महत्व होता है। ऐसे में हर महीने होने वाली पूर्णिमा खास होती है। आश्विन मास की पूर्णिमा इसी में से एक होती है।

Third party image reference
बतादें की आश्विन मास की पूर्णिमा को शरद पूर्णिमा कहते हैं। तो आइए जानते हैं क्यों शरद पूर्णिमा का सभी पूर्णिमा में खास स्थान और महत्व है।
वैसे आपको बतादें की सभी पूर्णिमा वाली तिथि पर चांद देखने लायक होता है लेकिन अश्विन मास की पूर्णिमा पर रात चांद की रोशनी में पूरी तरह से नहाया हुआ होता है।

Third party image reference
शरद पूर्णिमा पर रात में जागरण, भजन करने और रात भर चांदनी रात में रखी खीर को सुबह भोग लगाने का विशेष रूप से महत्व माना गया है। 
बतादें की शरद पूर्णिमा के दौरान चातुर्मास लगा होता है जिसमें भगवान विष्णु सो रहे होते हैं। ऐसे में चातुर्मास का यह अंतिम चरण होता है। शरद पूर्णिमा इसलिए कहा जाता है क्योंकि इन दिनों से सुबह और शाम को सर्दी का अहसास भी होने लगता है।

Third party image reference
बतादें की कुछ मान्यताओं के अनुसार शरद पूर्णिमा के दिन चांद अपनी सभी 16 कलाओं से संपूर्ण होकर अपनी किरणों से रात भर अमृत की वर्षा करता है। इस दिन चांदनी की रात में रखी खीर अमृत के समान बन जाती है।
इसके अलावा आपको बतादें की शरद पूर्णिमा के दिन भगवान कृष्ण ने गोपियों के साथ महारास रचा था। इस कारण से इसे रास पूर्णिमा भी कहा जाता है।
अंत मे बतादें की इस बारे में ऐसी भी मान्यता है कि शरद पूर्णिमा पर माता लक्ष्मी रात्रि भ्रमण पर होती हैं और जो उन्हें जागरण करते हुए मिलता है उस पर अपनी कृपा बरसाती हैं।

आपकी क्या राय है शरद पूर्णिमा पर, हमे कंमेंट करके जरूर बताएं।

रोजाना ऐसी ही अटपटी ख़बरों के लिए हमे फ़ॉलो जरूर करें।

No comments:

Post a comment

• अगर आप इस आर्टिकल के बारे में कुछ कहेंगे या कोई सवाल कमेंट में करेंगे तो हमें बहुत ख़ुशी होगी
• गलत शब्दों का प्रयोग न करे वरना आपका कमेंट पब्लिश नहीं किया जायेगा