जानिए कौन हैं यह जेअर बोल्सोनारो, जो भारत में गणतंत्र दिवस पर होंगे मुख्य अतिथि

जैसे की हम सब जानते है की 26 जनवरी 2020 को भारत में 71वां गणतंत्र दिवस मनाया जाएगा। जिसमे राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद के साथ-साथ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश की कई गणमान्य और प्रतिष्ठित शख्सियतें इस गणतंत्र दिवस समारोह में शामिल होंगी। तो इन सभी के अलावा एक शख्स हैं, जो यहां मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हो सकते हैं। इनका नाम है- जेअर बोल्सोनारो।

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क्या आप जानते है कौन हैं जेअर बोल्सोनारो? भारतीय गणतंत्र दिवस पर ये क्यों होंगे मुख्य अतिथि? उन्हें किसने दिया न्योता? इन सभी सवालों के जवाब आप आगे पढने वाले है, तो चलिए जानते है। 
जेअर बोल्सोनारो ब्राजील के राष्ट्रपति हैं

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आपको बतादें की भारत के 71वें गणतंत्र दिवस के मौके पर बतौर मुख्य अतिथि शामिल होने के लिए उन्हें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने न्योता दिया है। बतादें की ब्राजील में ब्रिक्स सम्मेलन के दौरान पीएम मोदी ने बोल्सोनारो को आमंत्रित किया है, आपको बतादें की बोल्सोनारो ने यह आमंत्रण स्वीकार भी कर लिया है।
बतादें की गणतंत्र दिवस पर मुख्य अतिथि का पद प्रोटोकॉल के अनुसार भारत का सर्वोच्च सम्मान माना जाता है और इसके लिए गणतंत्र दिवस से करीब छह महीने पहले से ही तैयारियां शुरू हो जाती हैं।
किसी देश के प्रमुख को बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किया जा सकता है

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आपको बतादें की इसके लिए भारत का विदेश मंत्रालय कई पहलुओं की जांच करता है। इसमें सबसे अहम है भारत के साथ उस देश का रिश्ता होता है उसकी को बुलाया जाता है। फिर इसके बाद प्रधानमंत्री की मंजूरी और फिर राष्ट्रपति भवन से क्लीयरेंस ली जाती है।
भारत के साथ कैसे हैं ब्राजील के संबंध

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आपको बतादें की भारत और ब्राजील के संबंध अच्छे हैं। और पिछले महीने ही, बोल्सोनारो सरकार ने ब्राजील घूमने के लिए भारतीयों के लिए वीजा की जरूरत खत्म कर दी। आपको बतादें की पिछले गणतंत्र दिवस पर दक्षिण अफ्रीका के राष्ट्रपति सिरिल रामाफोसा मुख्य अतिथि थे।
बोल्सोनारो और विवाद
आपको बतादें की पिछले साल ही दक्षिणपंथी बोल्सोनारो ने ब्राजील में राष्ट्रपति चुनाव में जीत हासिल की थी। अब चुनाव प्रचार के दौरान और कार्यालय ग्रहण करने के बाद भी दक्षिणपंथी विचारों के लिए बोल्सोनारो को विपक्ष का तीखा विरोध झेलना पड़ा।
इसमें सेक्सु*अल ओ*रिएंटेशन, लिं*ग आधारित और नस्लभेदी टिप्पणियों को लेकर बोल्सोनारो पर काफी विवाद हुआ था। अब इसके अलावा 1964 से 1985 के बीच ब्राजील में मिलिट्री तानाशाही की प्रशंसा करने को लेकर भी वह विवादों में पड़े थे।
आपको बतादें की ब्राजील की एक महिला विधायक ने बोल्सोनारो पर दुष्कर्म का आरोप भी लगाया था। इस पर बोल्सोनारो ने जवाब दिया था कि 'मैं आपके साथ दुष्कर्म नहीं कर सकता, क्योंकि आप इसके लायक ही नहीं।'

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