टॉयलेट सीट से भी ज्यादा गंदी होती है पानी की बोतल, जानिए अभी




आपको तो पता ही होगा कि ऑफिस में हमे जब भी पानी पीना होता है तो हम प्लास्टिक की एक ही बोतल का इस्तेमाल करते हैं।
लेकिन आपको जानकर हैरानी होगी कि जिस बोतल को आप बार बार इस्तेमाल कर रहे हैं उस पर हर एक सेंटीमीटर एरिया में करीब 9 लाख कीटाणु होते हैं।
वैज्ञानिकों ने तो ऐसी बोतल की तुलना टॉयलेट सीट से की है। आपको बतादें की वैज्ञानिकों ने एक हफ्ते तक ऐसी बोतलों पर शोध किया जिसका इस्तेमाल एथलीट कर रहे थे। इस दौरान उन्होंने पाया कि उसके एक सेंटीमीटर के एरिया में करीब 90,0000 कीटाणुओं की कॉलोनी बनी हुई थी। और यह एक टॉयलेट सीट पर मौजूद कीटाणुओं से कहीं ज्यादा है।
खतरा कैसे बढ़ जाता है :-
वैज्ञानिकों की मानें तो बोतल पर जमा होने वाले बैक्टीरिया में से करीब 60 प्रतिशत कीटाणु ऐसे होते हैं जो आपको बीमार कर सकते हैं और इन कीठाणुओं से डायरिया, फूड प्वाइजनिंग, नॉजिया और उल्टी जैसी बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है।

  1. इस देश में राम नाम का नोट चलता है? देखकर हो जायेंगे हैरान
  2. एक लाख साल पहले इंसान कैसा होता था, देखिए
  3. किस को बनाइये और भी मजेदार, इन रोचक जानकारी के साथ - New!
  4. कैसे बन रहा है Facebook डिजिटल कब्रिस्तान, जानिये
  5. कौन है यमराज और कैसे चलाते है अपना साम्राज्य, सबकुछ जानिये
  6. खाने से जुड़ी रोचक और अनोखी बातें.

आपको बतादें की वैज्ञानिकों ने पाया कि ज्यादातर बोतल जो दोबारा इस्तेमाल की जाती है ठीक से साफ नहीं की जाती और इसके अलावा उसका इस्तेमाल सीधे मुंह लगाकर किया जाता है।
हमारे लार से खुली हवा में मौजूद विषाणुओं से सीधी प्रतिक्रिया होती है और कई गुना कीटाणु वहां कालोनी बनाकर रहने लगते हैं।
बचने के लिए क्या करे :-
इसके लिए आपको यह देखना जरूरी है कि किस तरह के प्लास्टिक की बोतल में आप रोज पानी पीना चाहते हैं। कई पॉलीमर ऐसे होते हैं जो पानी के तापमान के आधार पर प्रतिक्रिया भी करते हैं।
तो ऐसे में वह पीने के पानी को खतरनाक भी बना सकते हैं। इसलिए बोतल अच्छी प्लास्टिक का होना चाहिए। इसके अलावा उसको गरम पानी में एक बार जरूर हर दिन उबालना चाहिए।
उम्मीद है आपको यह जानकारी जरूर पसंद आई होगी।
Previous article
Next article

Leave Comments

Post a comment

• अगर आप इस आर्टिकल के बारे में कुछ कहेंगे या कोई सवाल कमेंट में करेंगे तो हमें बहुत ख़ुशी होगी

loading...
loading...
loading...