आखिर किस ने बसाई थी अयोध्या नगरी..


राम मंदिर के निर्माण के बाद यह देश का सबसे शानदार और खूबसूरत मंदिर होगा। राम मंदिर बन जाने के बाद यहां पर बड़ी संख्या में भक्त भगवान राम के दर्शन करने के लिए आएंगे। अयोध्या में राम मंदिर के अलावा भी कई ऐसे धार्मिक स्थल हैं जिसका काफी महत्व है।
रिसर्च से पता चलता है कि भगवान राम का जन्म आज से 7128 वर्ष पूर्व अर्थात 5114 ईस्वी पूर्व को उत्तरप्रदेश के अयोध्या नगर में हुआ था। हिंदू धर्म में अयोध्या का धार्मिक महत्व काफी है। भारत के प्राचीन नगरों में से अयोध्या एक है।
हिंदू पौराणिक मान्याताओं के अनुसार सप्त पुरियों में अयोध्या, मथुरा, हरिद्वार, काशी, कांची, अंवतिका और द्वारका को शामिल किया गया है। ये सभी सातों मोक्षदायिनी और पवित्र नगरियां यानी पुरियां हैं। चार वेदों में पहले अथर्ववेद में अयोध्या को ईश्वर का नगर माना है।
अयोध्या में भगवान राम का जन्म हुआ था। अयोध्या नगरी सरयू नदी के किनारे पर बसा हुआ है। रामायण के अनुसार राजा मनु ने अयोध्या बसाई थी। अयोध्या का संबंध न सिर्फ भगवान राम से है बल्कि यहां बौद्ध, जैन और इस्लाम धर्म का भी है
तकरीबन दो हजार साल पहले अयोध्या की राजकुमारी सुरीरत्ना नी हु ह्वांग ओक अयुता (अयोध्या) दक्षिण कोरिया के ग्योंगसांग प्रांत के किमहये शहर की महारानी बनी थी। चीनी भाषा में दर्ज दस्तावेज सामगुक युसा में कहा गया है कि ईश्वर ने अयोध्या की राजकुमारी के पिता को स्वप्न में आकर ये निर्देश दिया था कि वह अपनी बेटी को उनके भाई के साथ राजा सुरो से विवाह करने के लिए किमहये शहर भेजें। आज कोरिया में कारक गोत्र के तकरीबन साठ लाख लोग खुद को राजा सुरो और अयोध्या की राजकुमारी का वंशज मानेत हैं।
  1. 99% लड़कियां भी नहीं जानती होंगी की लिपस्टिक को हिंदी में क्या कहते है
  2. अजब-गजब और रोचक तथ्य ,पढने के बाद रह जाएँगे आप भी दंग
  3. आखिर सेना में शराब क्यों बैन नहीं होती, जब कि सेहत के लिए जहर मानी जाती है
  4. आज भी जिंदा है भगवान श्री राम के वंशज और उनके पास है अरबों की संपत्ति - New!
  5. आपका भी दिल गार्डन गार्डन हो जायेगा, मस्ती करते ये जानवरों की तस्वीरे देखकर!!
  6. इन जोडियों को देखकर विश्वास हो जायेगा की प्यार वास्तव में अँधा होता है
  7. इन लोगों के पास है दुनिया की आधी संपत्ति
  8. एक ऐसी जगह जहा पर इस वजह से काट दी जाती हैं औरतों की उंगलियां!
  9. कलियुग का अंत कैसे होगा, जानिए
भगवान श्रीराम के बाद बाद लव ने श्रावस्ती बसाई और इसका स्वतंत्र उल्लेख अगले 800 वर्षों तक मिलता है। कहते हैं कि भगवान श्रीराम के पुत्र कुश ने एक बार पुन: राजधानी अयोध्या का पुनर्निर्माण कराया था। इसके बाद सूर्यवंश की अगली 44 पीढ़ियों तक इसका अस्तित्व बरकरार रहा।
महाभारत के युद्ध के बाद अयोध्या उजड़-सी गई लेकिन उस दौर में भी श्रीराम जन्मभूमि का अस्तित्व सुरक्षित था और लगभग 14वीं सदी तक बरकरार रहा। तथ्यों के मुताबिक, बाबर के आदेश पर सन् 1527-28 में अयोध्या में राम जन्मभूमि पर बने भव्य राम मंदिर को तोड़कर एक मस्जिद का निर्माण किया गया। कालांतर में बाबरी के नाम पर ही इस मस्जिद का नाम बाबरी मस्जिद रखा।
मान्यता है कि धरती के प्रथम पुरुष मनु ने अयोध्या की स्थापना की थी। माना जाता है कि देवताओं के कहने पर मनु राजा बनने के लिए तैयार हुए और अयोध्या को राजधानी बनाया। सरयू नदी के तट पर बसे इस नगर को रामायण अनुसार प्रथम धरतीपुत्र ‘स्वायंभुव मनु’ ने बसाया था। पौराणिक कथाओं के अनुसार ब्रह्मा से जब मनु ने अपने लिए एक नगर के निर्माण की बात कही तो वे उन्हें विष्णुजी के पास ले गए।
विष्णुजी ने उन्हें अवधधाम में एक उपयुक्त स्थान बताया। विष्णुजी ने इस नगरी को बसाने के लिए ब्रह्मा तथा मनु के साथ देवशिल्‍पी विश्‍वकर्मा को भेज दिया। हालांकि इस नगर की रामायण अनुसार विवस्वान (सूर्य) के पुत्र वैवस्वत मनु महाराज द्वारा स्थापना की गई थी। माथुरों के इतिहास के अनुसार वैवस्वत मनु लगभग 6673 ईसा पूर्व हुए थे।
Previous article
Next article

Leave Comments

Post a comment

• अगर आप इस आर्टिकल के बारे में कुछ कहेंगे या कोई सवाल कमेंट में करेंगे तो हमें बहुत ख़ुशी होगी

loading...
loading...
loading...